Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.148.7: पिताश्री! तत्पश्चात् समस्त प्रजा उसी प्रकार राजा धृतराष्ट्र के अधीन रहने लगी, जैसे पहले राजा पाण्डु के अधीन रहती थी।   |   mahabharat अध्याय 5.148: द्रोणाचार्य, विदुर तथा गान्धारीके युक्तियुक्त एवं महत्त्वपूर्ण वचनोंका भगवान‍् श्रीकृष्णके द्वारा कथन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 148: द्रोणाचार्य, विदुर तथा गान्धारीके युक्तियुक्त एवं महत्त्वपूर्ण वचनोंका भगवान‍् श्रीकृष्णके द्वारा कथन  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  5.148.7 
तत: सर्वा: प्रजास्तात धृतराष्ट्रं जनेश्वरम्।
अन्वपद्यन्त विधिवद् यथा पाण्डुं जनाधिपम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
पिताश्री! तत्पश्चात् समस्त प्रजा उसी प्रकार राजा धृतराष्ट्र के अधीन रहने लगी, जैसे पहले राजा पाण्डु के अधीन रहती थी।
 
Father! Thereafter all the subjects began to live under the rule of King Dhritarashtra just as they used to live under the rule of King Pandu. 7.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)