Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.148.32: ‘राजा धृतराष्ट्र और विदुर - ये दोनों महापुरुष भी जब तक भीष्म जीवित हैं, तब तक उनके अधीन रहेंगे (जब तक भीष्म जीवित हैं, तब तक इन्हें राज्य लेने का कोई अधिकार नहीं है); परंतु धर्म को जानने वाला होने के कारण यह महापुरुष, गंगापुत्र, राज्य लेने की इच्छा नहीं रखता॥ 32॥ | mahabharat अध्याय 5.148: द्रोणाचार्य, विदुर तथा गान्धारीके युक्तियुक्त एवं महत्त्वपूर्ण वचनोंका भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा कथन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा च क्षत्ता च महानुभावौ
भीष्मे स्थिते परवन्तौ भवेताम्।
अयं तु धर्मज्ञतया महात्मा
न कामयेद् यो नृवरो नदीज:॥ ३२॥
अनुवाद
‘राजा धृतराष्ट्र और विदुर - ये दोनों महापुरुष भी जब तक भीष्म जीवित हैं, तब तक उनके अधीन रहेंगे (जब तक भीष्म जीवित हैं, तब तक इन्हें राज्य लेने का कोई अधिकार नहीं है); परंतु धर्म को जानने वाला होने के कारण यह महापुरुष, गंगापुत्र, राज्य लेने की इच्छा नहीं रखता॥ 32॥
‘King Dhritarashtra and Vidur - these two great men will also remain subservient to Bhishma as long as he is alive (they have no right to take the kingdom as long as Bhishma is alive); but being knowledgeable about Dharma, this great and great man, son of Ganga, does not desire to take the kingdom.॥ 32॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥