Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.148.31: परम बुद्धिमान धृतराष्ट्र और उनके छोटे भाई दूरदर्शी विदुर इस राज्य के शासक नियुक्त हुए थे। दुर्योधन! आज तू लोभ के कारण उन दोनों का उल्लंघन करके किस प्रकार अपना प्रभुत्व स्थापित करना चाहता है?॥31॥ | mahabharat अध्याय 5.148: द्रोणाचार्य, विदुर तथा गान्धारीके युक्तियुक्त एवं महत्त्वपूर्ण वचनोंका भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा कथन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राज्ये स्थितो धृतराष्ट्रो मनीषी
तस्यानुजो विदुरो दीर्घदर्शी।
एतावतिक्रम्य कथं नृपत्वं
दुर्योधन प्रार्थयसेऽद्य मोहात्॥ ३१॥
अनुवाद
परम बुद्धिमान धृतराष्ट्र और उनके छोटे भाई दूरदर्शी विदुर इस राज्य के शासक नियुक्त हुए थे। दुर्योधन! आज तू लोभ के कारण उन दोनों का उल्लंघन करके किस प्रकार अपना प्रभुत्व स्थापित करना चाहता है?॥31॥
The most intelligent Dhritarashtra and his younger brother the far-sighted Vidura were appointed as the rulers of this kingdom. Duryodhan! How do you want to establish your dominance today by violating both of them out of greed? ॥ 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥