Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.148.30: हमारे देश में परम्परागत परम्परा यह है कि इस कुरु राज्य का उपभोग उत्तराधिकार के क्रम में पूर्व उत्तराधिकारियों को करना चाहिए (अर्थात् पहले यह पिता के हाथ में हो, फिर पुत्र के; पिता के जीवित रहते पुत्र राज्य का उत्तराधिकारी नहीं बन सकता); किन्तु हे पापबुद्धि वाले तथा अत्यन्त क्रूर कर्म करने वाले दुर्योधन, तुम अपने अन्याय से इस कौरव राज्य का नाश कर रहे हो। | mahabharat अध्याय 5.148: द्रोणाचार्य, विदुर तथा गान्धारीके युक्तियुक्त एवं महत्त्वपूर्ण वचनोंका भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा कथन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हमारे देश में परम्परागत परम्परा यह है कि इस कुरु राज्य का उपभोग उत्तराधिकार के क्रम में पूर्व उत्तराधिकारियों को करना चाहिए (अर्थात् पहले यह पिता के हाथ में हो, फिर पुत्र के; पिता के जीवित रहते पुत्र राज्य का उत्तराधिकारी नहीं बन सकता); किन्तु हे पापबुद्धि वाले तथा अत्यन्त क्रूर कर्म करने वाले दुर्योधन, तुम अपने अन्याय से इस कौरव राज्य का नाश कर रहे हो।
The traditional family tradition in our country is that this Kuru kingdom should be enjoyed by the previous heirs in the order of the heirs (i.e. first it should be in the hands of the father, then of the son; a son cannot inherit the kingdom while the father is alive); but you, Duryodhana, who has a sinful mind and who is committing extremely cruel deeds, are destroying this Kaurava kingdom by your injustice.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥