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श्लोक  5.148.15 
दीयतां पाण्डुपुत्रेभ्यो राज्यार्धमरिकर्शन।
सममाचार्यकं तात तव तेषां च मे सदा॥ १५॥
 
 
अनुवाद
शत्रुसूदन! पाण्डवों का आधा राज्य मुझे दे दीजिए। पिताश्री! आपके और पाण्डवों के लिए मेरा आचार्यत्व सदैव एक समान रहेगा।
 
‘Shatrusudan! Give me half of the kingdom of the Pandavas. Father! My acharyaship is always the same for you and the Pandavas. 15.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)