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mahabharat 5.148.1: भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं - हे राजन! तुम्हारा कल्याण हो। भीष्मजी के कहने के बाद उपदेश देने में समर्थ द्रोणाचार्य ने राजाओं के बीच दुर्योधन से यह कहा -॥1॥   |   mahabharat अध्याय 5.148: द्रोणाचार्य, विदुर तथा गान्धारीके युक्तियुक्त एवं महत्त्वपूर्ण वचनोंका भगवान‍् श्रीकृष्णके द्वारा कथन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.148.1 
वासुदेव उवाच
भीष्मेणोक्ते ततो द्रोणो दुर्योधनमभाषत।
मध्ये नृपाणां भद्रं ते वचनं वचनक्षम:॥ १॥
 
 
अनुवाद
भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं - हे राजन! तुम्हारा कल्याण हो। भीष्मजी के कहने के बाद उपदेश देने में समर्थ द्रोणाचार्य ने राजाओं के बीच दुर्योधन से यह कहा -॥1॥
 
Lord Krishna says - O King! May you be blessed. After Bhishmaji finished speaking, Dronacharya, who was capable of preaching, said this to Duryodhan in the midst of the kings -॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)