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श्लोक  5.147.9 
पिता यवीयानस्माकं क्षत्ता धर्मविदां वर:।
पुत्रशोकाभिसंतप्त: किमाह धृतराष्ट्रजम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
धर्म के जानकारों में श्रेष्ठ हमारे छोटे चाचा विदुर, जो हमारे पुत्रों के शोक से सदैव व्यथित रहते हैं, उन्होंने दुर्योधन से क्या कहा?
 
What did our younger uncle Vidur, the best among the wise men of Dharma, who is always distressed by the grief of our sons, say to Duryodhana?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)