श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 147: युधिष्ठिरके पूछनेपर श्रीकृष्णका कौरवसभामें व्यक्त किये हुए भीष्मजीके वचन सुनाना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  5.147.7 
युधिष्ठिर उवाच
तस्मिन्नुत्पथमापन्ने कुरुवृद्ध: पितामह:।
किमुक्तवान् हृषीकेश दुर्योधनममर्षणम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा - हृषीकेश! कुरुकुल के वृद्ध पितामह भीष्म ने ईर्ष्या और क्रोध से भरे हुए दुर्योधन से क्या कहा, जब वह दुर्योधन के कुमार्ग पर चला गया था?
 
Yudhishthir asked – Hrishikesh! What did the old patriarch of Kurukula, Bhishma, say to Duryodhana, filled with jealousy and anger, when he resorted to the evil path of Duryodhana? 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)