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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 147: युधिष्ठिरके पूछनेपर श्रीकृष्णका कौरवसभामें व्यक्त किये हुए भीष्मजीके वचन सुनाना
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श्लोक 39
श्लोक
5.147.39
अन्ध: करणहीनत्वान्न वै राजा पिता तव।
राजा तु पाण्डुरभवन्महात्मा लोकविश्रुत:॥ ३९॥
अनुवाद
तुम्हारे पिता अंधे थे, अतः नेत्रों की दुर्बलता के कारण राजा न बन सके, तब यशस्वी महापुरुष पाण्डु इस देश के राजा हुए ॥39॥
Your father was blind, hence could not become a king due to poor eyesight, then the famous great man Pandu became the king of this country. 39॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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