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mahabharat 5.147.16: ‘दुर्योधन! मैं तुम्हारे कुल के हित के लिए जो कुछ कहता हूँ, उसे ध्यानपूर्वक सुनो। हे राजनश्रेष्ठ! इसे सुनो और अपने कुल का कल्याण करो।॥16॥   |   mahabharat अध्याय 5.147: युधिष्ठिरके पूछनेपर श्रीकृष्णका कौरवसभामें व्यक्त किये हुए भीष्मजीके वचन सुनाना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.147.16 
दुर्योधन निबोधेदं कुलार्थे यद् ब्रवीमि ते।
तच्छ्रुत्वा राजशार्दूल स्वकुलस्य हितं कुरु॥ १६॥
 
 
अनुवाद
‘दुर्योधन! मैं तुम्हारे कुल के हित के लिए जो कुछ कहता हूँ, उसे ध्यानपूर्वक सुनो। हे राजनश्रेष्ठ! इसे सुनो और अपने कुल का कल्याण करो।॥16॥
 
‘Duryodhan! Listen carefully to what I tell you for the benefit of your clan. O best of kings! Listen to it and do good for your clan.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)