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mahabharat 5.147.15: जब मैंने दुर्योधन से अपनी कथा कही, तब वह हँसने लगा। यह देखकर भीष्म जी अत्यन्त क्रोधित हुए और उससे इस प्रकार बोले-॥15॥   |   mahabharat अध्याय 5.147: युधिष्ठिरके पूछनेपर श्रीकृष्णका कौरवसभामें व्यक्त किये हुए भीष्मजीके वचन सुनाना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 147: युधिष्ठिरके पूछनेपर श्रीकृष्णका कौरवसभामें व्यक्त किये हुए भीष्मजीके वचन सुनाना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  5.147.15 
मया विश्राविते वाक्ये जहास धृतराष्ट्रज:।
अथ भीष्म: सुसंक्रुद्ध इदं वचनमब्रवीत्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
जब मैंने दुर्योधन से अपनी कथा कही, तब वह हँसने लगा। यह देखकर भीष्म जी अत्यन्त क्रोधित हुए और उससे इस प्रकार बोले-॥15॥
 
When I told my story to Duryodhan, he started laughing. Seeing this Bhishma ji became very angry and spoke to him like this -॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)