Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.146.19: परन्तु उस अवस्था में भी मैं दया और सज्जनता का आचरण करता रहूँगा। इसलिए आज मैं आपकी आज्ञा का पालन नहीं करूँगा, भले ही वह लाभदायक हो॥19॥ | mahabharat अध्याय 5.146: कर्णका कुन्तीको उत्तर तथा अर्जुनको छोड़कर शेष चारों पाण्डवोंको न मारनेकी प्रतिज्ञा । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आनृशंस्यमथो वृत्तं रक्षन् सत्पुरुषोचितम्।
अतोऽर्थकरमप्येतन्न करोम्यद्य ते वच:॥ १९॥
अनुवाद
परन्तु उस अवस्था में भी मैं दया और सज्जनता का आचरण करता रहूँगा। इसलिए आज मैं आपकी आज्ञा का पालन नहीं करूँगा, भले ही वह लाभदायक हो॥19॥
But even in that condition I will continue to maintain kindness and gentlemanly conduct. That is why I will not obey your orders today even though they are beneficial.॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥