Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.146.11: धृतराष्ट्र के पुत्रों ने मुझे सब प्रकार की इच्छित वस्तुएँ दी हैं और सदैव मुझे प्रसन्न रखते हुए मेरा आदर किया है। मैं उनका उपकार कैसे व्यर्थ कर सकता हूँ?॥11॥ | mahabharat अध्याय 5.146: कर्णका कुन्तीको उत्तर तथा अर्जुनको छोड़कर शेष चारों पाण्डवोंको न मारनेकी प्रतिज्ञा । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धृतराष्ट्र के पुत्रों ने मुझे सब प्रकार की इच्छित वस्तुएँ दी हैं और सदैव मुझे प्रसन्न रखते हुए मेरा आदर किया है। मैं उनका उपकार कैसे व्यर्थ कर सकता हूँ?॥11॥
The sons of Dhritarashtra have given me all kinds of desired things and have always respected me while keeping me happy. How can I render their favor futile?॥11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥