Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.146.10: आज से पहले किसी को यह पता नहीं था कि मैं पांडवों का भाई हूँ। युद्ध के समय मेरा यह सम्बन्ध प्रकट हुआ। यदि अब मैं पांडवों से मिलूँगा, तो क्षत्रिय समाज मेरे विषय में क्या कहेगा?॥10॥ | mahabharat अध्याय 5.146: कर्णका कुन्तीको उत्तर तथा अर्जुनको छोड़कर शेष चारों पाण्डवोंको न मारनेकी प्रतिज्ञा । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आज से पहले किसी को यह पता नहीं था कि मैं पांडवों का भाई हूँ। युद्ध के समय मेरा यह सम्बन्ध प्रकट हुआ। यदि अब मैं पांडवों से मिलूँगा, तो क्षत्रिय समाज मेरे विषय में क्या कहेगा?॥10॥
Before today no one knew that I am the brother of the Pandavas. This relation of mine came to light during the war. If I meet the Pandavas now, what will the Kshatriya community say about me?॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥