Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.145.2: कुंती बोली- कर्ण! तुम राधा के नहीं, कुंती के पुत्र हो। तुम्हारे पिता अधिरथ नहीं हैं और तुम्हारा जन्म सूत कुल में नहीं हुआ है। मेरी बात मानो॥2॥   |   mahabharat अध्याय 5.145: कुन्तीका कर्णको अपना प्रथम पुत्र बताकर उससे पाण्डवपक्षमें मिल जानेका अनुरोध   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 145: कुन्तीका कर्णको अपना प्रथम पुत्र बताकर उससे पाण्डवपक्षमें मिल जानेका अनुरोध  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  5.145.2 
कुन्त्युवाच
कौन्तेयस्त्वं न राधेयो न तवाधिरथ: पिता।
नासि सूतकुले जात: कर्ण तद् विद्धि मे वच:॥ २॥
 
 
अनुवाद
कुंती बोली- कर्ण! तुम राधा के नहीं, कुंती के पुत्र हो। तुम्हारे पिता अधिरथ नहीं हैं और तुम्हारा जन्म सूत कुल में नहीं हुआ है। मेरी बात मानो॥2॥
 
Kunti said- Karna! You are not Radha's son, but Kunti's. Your father is not Adhiratha and you were not born in a Sut family. Believe what I say.॥2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)