Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.144.29: वहाँ वृष्णिवंश की कन्या पाण्डु की पत्नी कुन्ती सूर्यदेव के ताप से पीड़ित होकर कर्ण के उत्तरीय वस्त्र की छाया में खड़ी हुई, मुरझाये हुए कमल की माला के समान दिख रही थी। | mahabharat अध्याय 5.144: विदुरकी बात सुनकर युद्धके भावी दुष्परिणामसे व्यथित हुई कुन्तीका बहुत सोच-विचारके बाद कर्णके पास जाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहाँ वृष्णिवंश की कन्या पाण्डु की पत्नी कुन्ती सूर्यदेव के ताप से पीड़ित होकर कर्ण के उत्तरीय वस्त्र की छाया में खड़ी हुई, मुरझाये हुए कमल की माला के समान दिख रही थी।
There Kunti, the wife of Pandu, the daughter of the Vrishni clan, suffering from the heat of the Sun god, stood in the shade of Karna's northern garment, looking like a withering lotus garland.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥