Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.143.9: मधुसूदन! मंगल ज्येष्ठा के निकट से वक्र मार्ग का सहारा लेकर अनुराधा नक्षत्र में आना चाहता है। यह राज्य में राजा के मित्र-मण्डल के नाश का संकेत है। | mahabharat अध्याय 5.143: कर्णके द्वारा पाण्डवोंकी विजय और कौरवोंकी पराजय सूचित करनेवाले लक्षणों एवं अपने स्वप्नका वर्णन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मधुसूदन! मंगल ज्येष्ठा के निकट से वक्र मार्ग का सहारा लेकर अनुराधा नक्षत्र में आना चाहता है। यह राज्य में राजा के मित्र-मण्डल के नाश का संकेत है।
‘Madhusudana! Mars wants to come to Anuradha Nakshatra by taking the help of curved path from near Jyeshtha. This is indicating the destruction of the friends circle of the king in the kingdom.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥