Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.143.8: अत्यन्त बलवान एवं तीक्ष्ण ग्रह शनि प्रजापति से सम्बन्धित रोहिणी नक्षत्र को पीड़ित करके संसार के प्राणियों को सर्वाधिक कष्ट पहुँचा रहा है।॥8॥ | mahabharat अध्याय 5.143: कर्णके द्वारा पाण्डवोंकी विजय और कौरवोंकी पराजय सूचित करनेवाले लक्षणों एवं अपने स्वप्नका वर्णन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्राजापत्यं हि नक्षत्रं ग्रहस्तीक्ष्णो महाद्युति:।
शनैश्चर: पीडयति पीडयन् प्राणिनोऽधिकम्॥ ८॥
अनुवाद
अत्यन्त बलवान एवं तीक्ष्ण ग्रह शनि प्रजापति से सम्बन्धित रोहिणी नक्षत्र को पीड़ित करके संसार के प्राणियों को सर्वाधिक कष्ट पहुँचा रहा है।॥8॥
The extremely powerful and sharp planet Saturn is causing maximum suffering to the living beings of the world by afflicting the Rohini nakshatra associated with Prajapati.॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥