श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 143: कर्णके द्वारा पाण्डवोंकी विजय और कौरवोंकी पराजय सूचित करनेवाले लक्षणों एवं अपने स्वप्नका वर्णन  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  5.143.31 
श्वेतोष्णीषाश्च दृश्यन्ते सर्वे वै शुक्लवासस:।
आसनानि च शुभ्राणि सर्वेषामुपलक्षये॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
उन सबके सिर पर श्वेत पगड़ियाँ और शरीर पर श्वेत वस्त्र थे। मैंने देखा कि उनके आसन भी श्वेत रंग के थे॥31॥
 
‘All of them had white turbans on their heads and white clothes on their bodies. I saw that their seats were also white in colour.॥ 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)