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mahabharat 5.143.26: संध्या के समय काली गर्दन और लाल पैरों वाले भयंकर पक्षी हमारे सामने आते हैं। यह भी पराजय का ही लक्षण है॥ 26॥   |   mahabharat अध्याय 5.143: कर्णके द्वारा पाण्डवोंकी विजय और कौरवोंकी पराजय सूचित करनेवाले लक्षणों एवं अपने स्वप्नका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.143.26 
कृष्णग्रीवाश्च शकुना रक्तपादा भयानका:।
संध्यामभिमुखा यान्ति तत् पराभवलक्षणम्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
संध्या के समय काली गर्दन और लाल पैरों वाले भयंकर पक्षी हमारे सामने आते हैं। यह भी पराजय का ही लक्षण है॥ 26॥
 
In the evening, fearsome birds with black necks and red legs appear before us. This too is a sign of defeat.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)