Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.143.24: सूर्योदय और सूर्यास्त दोनों समय एक सियार भयंकर स्वर में चिल्लाता है, जो महान भय का सूचक है। यह भी कौरवों की पराजय का सूचक है॥ 24॥ | mahabharat अध्याय 5.143: कर्णके द्वारा पाण्डवोंकी विजय और कौरवोंकी पराजय सूचित करनेवाले लक्षणों एवं अपने स्वप्नका वर्णन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सूर्योदय और सूर्यास्त दोनों समय एक सियार भयंकर स्वर में चिल्लाता है, जो महान भय का सूचक है। यह भी कौरवों की पराजय का सूचक है॥ 24॥
‘At both the time of sunrise and sunset, a jackal cries in a terrifying voice, signalling great fear. This is also a sign of the defeat of the Kauravas.॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥