vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 5: उद्योग पर्व
»
अध्याय 143: कर्णके द्वारा पाण्डवोंकी विजय और कौरवोंकी पराजय सूचित करनेवाले लक्षणों एवं अपने स्वप्नका वर्णन
»
श्लोक 21
श्लोक
5.143.21
उदपानाश्च नर्दन्ति यथा गोवृषभास्तथा।
धार्तराष्ट्रस्य सैन्येषु तत् पराभवलक्षणम्॥ २१॥
अनुवाद
दुर्योधन की सेना के कुएँ आदि जलाशय गाय-बैलों के रंभाने के समान ध्वनि करते हैं, यह उसकी पराजय का संकेत है॥ 21॥
‘The wells and other water bodies in Duryodhan's army make noises like the bellowing of cows and bulls. This is a sign of his defeat.॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×