श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 143: कर्णके द्वारा पाण्डवोंकी विजय और कौरवोंकी पराजय सूचित करनेवाले लक्षणों एवं अपने स्वप्नका वर्णन  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  5.143.19 
गृध्रा: कङ्का बका: श्येना यातुधानास्तथा वृका:।
मक्षिकाणां च सङ्घाता अनुधावन्ति कौरवान्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार गिद्ध, तीतर, मृग, बाज, राक्षस, भेड़िये और मक्खियों के समूह कौरवों के पीछे दौड़ते हैं॥19॥
 
‘Similarly, vultures, pheasants, deer, hawks, demons, wolves and groups of flies run after the Kauravas.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)