Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.143.17: केशव! दुर्योधन के वामपार्श्व से होकर सभी मृग निकलते हैं और वह प्रायः ऐसी वाणी सुनता है जिनके बोलने वाले का शरीर दिखाई नहीं देता। यही उसकी पराजय का लक्षण है॥17॥ | mahabharat अध्याय 5.143: कर्णके द्वारा पाण्डवोंकी विजय और कौरवोंकी पराजय सूचित करनेवाले लक्षणों एवं अपने स्वप्नका वर्णन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
केशव! दुर्योधन के वामपार्श्व से होकर सभी मृग निकलते हैं और वह प्रायः ऐसी वाणी सुनता है जिनके बोलने वाले का शरीर दिखाई नहीं देता। यही उसकी पराजय का लक्षण है॥17॥
Keshava! All the deer pass by Duryodhan's left side and he often hears such voices whose speaker's body is not visible. This is the sign of his defeat.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥