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mahabharat 5.143.16: हे कृष्ण! पाण्डवों के वाहन प्रसन्न बताए गए हैं और उनके दाहिनी ओर हिरण जाते हुए दिखाई दे रहे हैं; यह उनकी विजय का संकेत है॥16॥   |   mahabharat अध्याय 5.143: कर्णके द्वारा पाण्डवोंकी विजय और कौरवोंकी पराजय सूचित करनेवाले लक्षणों एवं अपने स्वप्नका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.143.16 
प्रहृष्टं वाहनं कृष्ण पाण्डवानां प्रचक्षते।
प्रदक्षिणा मृगाश्चैव तत् तेषां जयलक्षणम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
हे कृष्ण! पाण्डवों के वाहन प्रसन्न बताए गए हैं और उनके दाहिनी ओर हिरण जाते हुए दिखाई दे रहे हैं; यह उनकी विजय का संकेत है॥16॥
 
Lord Krishna! The Pandavas' vehicles are said to be happy and deer are seen going on their right; this is a sign that indicates their victory.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)