vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 5: उद्योग पर्व
»
अध्याय 143: कर्णके द्वारा पाण्डवोंकी विजय और कौरवोंकी पराजय सूचित करनेवाले लक्षणों एवं अपने स्वप्नका वर्णन
»
श्लोक 16
श्लोक
5.143.16
प्रहृष्टं वाहनं कृष्ण पाण्डवानां प्रचक्षते।
प्रदक्षिणा मृगाश्चैव तत् तेषां जयलक्षणम्॥ १६॥
अनुवाद
हे कृष्ण! पाण्डवों के वाहन प्रसन्न बताए गए हैं और उनके दाहिनी ओर हिरण जाते हुए दिखाई दे रहे हैं; यह उनकी विजय का संकेत है॥16॥
Lord Krishna! The Pandavas' vehicles are said to be happy and deer are seen going on their right; this is a sign that indicates their victory.॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×