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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 143: कर्णके द्वारा पाण्डवोंकी विजय और कौरवोंकी पराजय सूचित करनेवाले लक्षणों एवं अपने स्वप्नका वर्णन
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श्लोक 15
श्लोक
5.143.15
धार्तराष्ट्रस्य सैन्येषु सर्वेषु मधुसूदन।
पराभवस्य तल्लिङ्गमिति प्राहुर्मनीषिण:॥ १५॥
अनुवाद
मधुसूदन! ये बातें दुर्योधन की समस्त सेनाओं में पाई जाती हैं। बुद्धिमान पुरुष इन्हें पराजय के लक्षण कहते हैं॥15॥
‘Madhusudana! These things are found in all the armies of Duryodhan. Wise men call these the signs of defeat.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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