श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 143: कर्णके द्वारा पाण्डवोंकी विजय और कौरवोंकी पराजय सूचित करनेवाले लक्षणों एवं अपने स्वप्नका वर्णन  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  5.143.14 
अल्पे भुक्ते पुरीषं च प्रभूतमिह दृश्यते।
वाजिनां वारणानां च मनुष्याणां च केशव॥ १४॥
 
 
अनुवाद
केशव! हाथी, घोड़े और मनुष्य बहुत थोड़ा भोजन करते हैं; परन्तु उनके पेट से बहुत सारा मल निकलता हुआ दिखाई देता है॥14॥
 
‘Keshav! Elephants, horses and humans eat very little food; but a lot of waste is seen coming out of their stomachs.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)