श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 143: कर्णके द्वारा पाण्डवोंकी विजय और कौरवोंकी पराजय सूचित करनेवाले लक्षणों एवं अपने स्वप्नका वर्णन  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  5.143.13 
प्रादुर्भूतेषु चैतेषु भयमाहुरुपस्थितम्।
निमित्तेषु महाबाहो दारुणं प्राणिनाशनम्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
महाबाहो! ऐसा कहा गया है कि जब ये निमित्त (विपत्ति सूचक लक्षण) प्रकट होते हैं, तब प्राणियों का नाश करने वाला भयंकर भय उपस्थित होता है। 13॥
 
Mahabaho! It is said that when these nimittas (symptoms indicating disaster) appear, there is the presence of a terrible fear that destroys living beings. 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)