श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 142: भगवान‍् श्रीकृष्णका कर्णसे पाण्डवपक्षकी निश्चित विजयका प्रतिपादन  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  5.142.20 
राजानो राजपुत्राश्च दुर्योधनवशानुगा:।
प्राप्य शस्त्रेण निधनं प्राप्स्यन्ति गतिमुत्तमाम्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
दुर्योधन के अधीन रहने वाले सभी राजा और राजकुमार शस्त्रों से मरकर उत्तम गति को प्राप्त होंगे।
 
All the kings and princes who are under the control of Duryodhana will achieve a good destination by dying by weapons.
 
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि भगवद्यानपर्वणि कर्णोपनिवादे भगवद्वाक्ये द्विचत्वारिंशदधिकशततमोऽध्याय:॥ १४२॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत भगवद्यानपर्वमें कर्णके द्वारा अपने अभिप्रायनिवेदनके प्रसंगमें भगवद्वाक्यविषयक एक सौ बयालीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १४२॥

 
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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