Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.142.10-11: जब तुम युद्ध में दु:शासन का रक्त पीकर महाबली भीमसेन को मदमस्त हाथी की भाँति शत्रुओं की सेना का संहार करते हुए नाचते हुए देखोगे, तब तुम्हें सतयुग, त्रेतायुग और द्वापरयुग पर भी विश्वास नहीं होगा। 10-11 | mahabharat अध्याय 5.142: भगवान् श्रीकृष्णका कर्णसे पाण्डवपक्षकी निश्चित विजयका प्रतिपादन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदा द्रक्ष्यसि संग्रामे भीमसेनं महाबलम्।
दु:शासनस्य रुधिरं पीत्वा नृत्यन्तमाहवे॥ १०॥
प्रभिन्नमिव मातङ्गं प्रतिद्विरदघातिनम्।
न तदा भविता त्रेता न कृतं द्वापरं न च॥ ११॥
अनुवाद
जब तुम युद्ध में दु:शासन का रक्त पीकर महाबली भीमसेन को मदमस्त हाथी की भाँति शत्रुओं की सेना का संहार करते हुए नाचते हुए देखोगे, तब तुम्हें सतयुग, त्रेतायुग और द्वापरयुग पर भी विश्वास नहीं होगा। 10-11
When you will see the mighty Bhimasena dancing in the war after drinking the blood of Dushasan and killing the enemy's elephant army like an elephant flowing in intoxication, then you will not believe in Satya Yuga, Treta Yuga and Dwapara Yuga. 10-11
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥