Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.141.9-10h: माधव! उन्होंने ही मेरा जातकर्म आदि करवाया और जनार्दन! उन्होंने ही पुत्र-प्रेमवश शास्त्रीय विधि से ब्राह्मणों द्वारा मेरा नाम 'वसुषेण' रखा। | mahabharat अध्याय 5.141: कर्णका दुर्योधनके पक्षमें रहनेके निश्चित विचारका प्रतिपादन करते हुए समरयज्ञके रूपकका वर्णन करना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स हि मे जातकर्मादि कारयामास माधव।
शास्त्रदृष्टेन विधिना पुत्रप्रीत्या जनार्दन॥ ९॥
नाम वै वसुषेणेति कारयामास वै द्विजै:।
अनुवाद
माधव! उन्होंने ही मेरा जातकर्म आदि करवाया और जनार्दन! उन्होंने ही पुत्र-प्रेमवश शास्त्रीय विधि से ब्राह्मणों द्वारा मेरा नाम 'वसुषेण' रखा।
Madhav! He got my caste rituals etc done and Janardan! It was he who, out of love for his son, got me named 'Vasushen' by the Brahmins in the classical method.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥