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मत्स्नेहाच्चैव राधायां सद्य: क्षीरमवातरत्।
सा मे मूत्रं पुरीषं च प्रतिजग्राह माधव॥ ६॥
अनुवाद
उस समय मेरे प्रति अत्यन्त स्नेह के कारण राधा के स्तनों में तुरन्त ही दूध आ गया। माधव! उस अवस्था में उसने स्वयं ही मेरा मल उठाना स्वीकार कर लिया।
At that time, due to the great affection towards me, milk immediately came in Radha's breasts. Madhava! In that condition, she herself accepted to pick up my excreta. 6.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥