Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.141.53: केशव! कुरुक्षेत्र तीनों लोकों का परम पवित्र तीर्थ है। इस समृद्ध क्षत्रिय समुदाय को वहाँ जाकर शस्त्रों के प्रहार से मर जाना चाहिए। 53॥ | mahabharat अध्याय 5.141: कर्णका दुर्योधनके पक्षमें रहनेके निश्चित विचारका प्रतिपादन करते हुए समरयज्ञके रूपकका वर्णन करना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
केशव! कुरुक्षेत्र तीनों लोकों का परम पवित्र तीर्थ है। इस समृद्ध क्षत्रिय समुदाय को वहाँ जाकर शस्त्रों के प्रहार से मर जाना चाहिए। 53॥
Keshav! Kurukshetra is the most sacred place of pilgrimage for all three worlds. This prosperous Kshatriya community should go there and die due to weapons. 53॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥