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श्लोक  5.141.46 
यदा द्रक्ष्यसि मां कृष्ण निहतं सव्यसाचिना।
पुनश्चितिस्तदा चास्य यज्ञस्याथ भविष्यति॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
श्री कृष्ण! जब आप मुझे सव्यसाची अर्जुन के हाथ से मारा हुआ देखेंगे, तब इस यज्ञ का पुनर्श्चिति कर्म पूर्ण हो जायेगा।
 
Sri Krishna! When you will see me killed by the hand of Savyasachi Arjuna, then the Punashchiti Karma of this Yagya will be completed.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)