Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.141.34: वे धर्मात्मा राजा युधिष्ठिर सदैव जप और यज्ञ में तत्पर रहेंगे और उस यज्ञ में ब्रह्मा का कार्य सम्पन्न करेंगे ॥34॥ | mahabharat अध्याय 5.141: कर्णका दुर्योधनके पक्षमें रहनेके निश्चित विचारका प्रतिपादन करते हुए समरयज्ञके रूपकका वर्णन करना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स चैव तत्र धर्मात्मा शश्वद् राजा युधिष्ठिर:।
जपैर्होमैश्च संयुक्तो ब्रह्मत्वं कारयिष्यति॥ ३४॥
अनुवाद
वे धर्मात्मा राजा युधिष्ठिर सदैव जप और यज्ञ में तत्पर रहेंगे और उस यज्ञ में ब्रह्मा का कार्य सम्पन्न करेंगे ॥34॥
That righteous King Yudhishthir will always remain engaged in chanting and performing sacrifices and will accomplish the task of Brahma in that yajna. ॥ 34॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥