Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.141.32: सुभद्राकुमार अभिमन्यु भी शस्त्रविद्या में अपने पिता के समान ही थे, अथवा वीरता में उनसे भी आगे निकल गए। वे इस शस्त्रयज्ञ में उत्तम उदगात्रिकर्म करेंगे। 32॥ | mahabharat अध्याय 5.141: कर्णका दुर्योधनके पक्षमें रहनेके निश्चित विचारका प्रतिपादन करते हुए समरयज्ञके रूपकका वर्णन करना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अनुयातश्च पितरमधिको वा पराक्रमे।
गीतं स्तोत्रं स सौभद्र: सम्यक् तत्र भविष्यति॥ ३२॥
अनुवाद
सुभद्राकुमार अभिमन्यु भी शस्त्रविद्या में अपने पिता के समान ही थे, अथवा वीरता में उनसे भी आगे निकल गए। वे इस शस्त्रयज्ञ में उत्तम उदगात्रिकर्म करेंगे। 32॥
Subhadrakumar Abhimanyu also followed his father in the field of weaponry or even surpassed him in bravery. He will perform the best hymn singing (Udgatrikarma) in this weapon sacrifice. 32॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥