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mahabharat 5.141.22: ऐसी स्थिति में यदि मुझे वह विशाल समृद्ध राज्य भी मिल जाए तो भी मैं उसे दुर्योधन को सौंप दूँगा ॥22॥   |   mahabharat अध्याय 5.141: कर्णका दुर्योधनके पक्षमें रहनेके निश्चित विचारका प्रतिपादन करते हुए समरयज्ञके रूपकका वर्णन करना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.141.22 
प्राप्य चापि महद् राज्यं तदहं मधुसूदन।
स्फीतं दुर्योधनायैव सम्प्रदद्यामरिंदम॥ २२॥
 
 
अनुवाद
ऐसी स्थिति में यदि मुझे वह विशाल समृद्ध राज्य भी मिल जाए तो भी मैं उसे दुर्योधन को सौंप दूँगा ॥22॥
 
In that case, even if I get that huge prosperous kingdom, I will hand it over to Duryodhan. ॥22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)