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mahabharat 5.141.16: इसलिए, हे अच्युत, उन्होंने मुझे द्वैरथ युद्ध में सव्यसाची अर्जुन से लड़ने और उसका सामना करने के लिए चुना है। ॥ 16॥   |   mahabharat अध्याय 5.141: कर्णका दुर्योधनके पक्षमें रहनेके निश्चित विचारका प्रतिपादन करते हुए समरयज्ञके रूपकका वर्णन करना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 141: कर्णका दुर्योधनके पक्षमें रहनेके निश्चित विचारका प्रतिपादन करते हुए समरयज्ञके रूपकका वर्णन करना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  5.141.16 
तस्माद् रणे द्वैरथे मां प्रत्युद्यातारमच्युत।
वृतवान् परमं कृष्ण प्रतीपं सव्यसाचिन:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
इसलिए, हे अच्युत, उन्होंने मुझे द्वैरथ युद्ध में सव्यसाची अर्जुन से लड़ने और उसका सामना करने के लिए चुना है। ॥ 16॥
 
Therefore, O Achyuta, he has chosen me to fight and face Savyasachi Arjun in the Dwairatha war. ॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)