श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 140: भगवान‍् श्रीकृष्णका कर्णको पाण्डवपक्षमें आ जानेके लिये समझाना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.140.9 
सोऽसि कर्ण तथा जात: पाण्डो: पुत्रोऽसि धर्मत:।
निग्रहाद् धर्मशास्त्राणामेहि राजा भविष्यसि॥ ९॥
 
 
अनुवाद
कर्ण! तुम्हारा जन्म भी इसी प्रकार हुआ है; (तुम कुन्ती के बाल्यकाल में उत्पन्न पुत्र हो;) अतः धर्मानुसार तुम भी पाण्डु के पुत्र हो। अतः आओ, धर्मशास्त्र के निर्णयानुसार तुम राजा बनोगे॥ 9॥
 
Karna! Your birth too has taken place in the same manner; (you are Kunti's son born in her childhood;) hence according to Dharma you are also Pandu's son. So come, according to the decision of Dharmashastras you will be the king.॥ 9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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