श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 140: भगवान‍् श्रीकृष्णका कर्णको पाण्डवपक्षमें आ जानेके लिये समझाना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  5.140.3 
उद्यन्मेघस्वन: काले कृष्ण: कर्णमथाब्रवीत्।
मृदु वा यदि वा तीक्ष्णं तन्ममाचक्ष्व संजय॥ ३॥
 
 
अनुवाद
संजय! मेघ के समान गम्भीर वाणी वाले भगवान श्रीकृष्ण ने उस समय कर्ण से जो भी मधुर या कठोर वचन कहे हों, वह मुझे बताओ॥3॥
 
Sanjay! Tell me whatever sweet or harsh words Lord Krishna, who spoke in a voice as deep as a cloud, might have said to Karna at that time. ॥ 3॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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