Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.140.29: हे कर्ण! तुम्हारे मित्र सुखी हों और शत्रु दुःखी हों। आज से तुम अपने पाण्डव भाइयों के साथ एक अच्छे सम्बन्धी की तरह स्नेहपूर्वक व्यवहार करना। | mahabharat अध्याय 5.140: भगवान् श्रीकृष्णका कर्णको पाण्डवपक्षमें आ जानेके लिये समझाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे कर्ण! तुम्हारे मित्र सुखी हों और शत्रु दुःखी हों। आज से तुम अपने पाण्डव भाइयों के साथ एक अच्छे सम्बन्धी की तरह स्नेहपूर्वक व्यवहार करना।
May your friends be happy and your enemies be in pain. Karna! From today onwards, may you treat your Pandava brothers with affection like a good relative.
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि भगवद्यानपर्वणि श्रीकृष्णवाक्ये चत्वारिंशदधिकशततमोऽध्याय:॥ १४०॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत भगवद्यानपर्वमें श्रीकृष्णवाक्यविषयक एक सौ चालीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १४०॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥