श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 140: भगवान‍् श्रीकृष्णका कर्णको पाण्डवपक्षमें आ जानेके लिये समझाना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  5.140.26 
पुरोगमाश्च ते सन्तु द्रविडा: सह कुन्तलै:।
आन्ध्रास्तालचराश्चैव चूचुपा वेणुपास्तथा॥ २६॥
 
 
अनुवाद
द्रविड़, कुन्तल, आन्ध्र, तालचर, चुचुप और वेणुप देशों के लोग आपके प्रमुख सेवक बनें। 26.
 
Let the people of the Dravida, Kuntala, Andhra, Talchar, Chuchup and Venup countries be your foremost servants. 26.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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