Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.139.8: पापी मनुष्य को यदि पाप करने से रोका भी जाए, तो भी वह पाप करना चाहता है और पुण्यात्मा मनुष्य, जिसका हृदय शुभ संकल्पों से भरा हुआ है, यदि पापी उसे पाप करने के लिए उकसाए भी, तो भी वह शुभ कर्म करना चाहता है ॥8॥ | mahabharat अध्याय 5.139: भीष्मसे वार्तालाप आरम्भ करके द्रोणाचार्यका दुर्योधनको पुन: संधिके लिये समझाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पापी मनुष्य को यदि पाप करने से रोका भी जाए, तो भी वह पाप करना चाहता है और पुण्यात्मा मनुष्य, जिसका हृदय शुभ संकल्पों से भरा हुआ है, यदि पापी उसे पाप करने के लिए उकसाए भी, तो भी वह शुभ कर्म करना चाहता है ॥8॥
Even if a sinful man is prevented from committing sins, he still wants to commit sins. And a virtuous man whose heart is filled with good intentions, even if he is incited to commit sins by a sinner, still wishes to perform good deeds. ॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥