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mahabharat 5.139.6: मेरी ही कृपा से अर्जुन अन्य समस्त धनुर्धरों से श्रेष्ठ हो गया है। इस समय संसार में उसके समान कोई दूसरा धनुर्धर नहीं है ॥6॥   |   mahabharat अध्याय 5.139: भीष्मसे वार्तालाप आरम्भ करके द्रोणाचार्यका दुर्योधनको पुन: संधिके लिये समझाना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 139: भीष्मसे वार्तालाप आरम्भ करके द्रोणाचार्यका दुर्योधनको पुन: संधिके लिये समझाना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  5.139.6 
यस्य लोके समो नास्ति कश्चिदन्यो धनुर्धर:।
मत्प्रसादात् स बीभत्सु: श्रेयानन्यैर्धनुर्धरै:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
मेरी ही कृपा से अर्जुन अन्य समस्त धनुर्धरों से श्रेष्ठ हो गया है। इस समय संसार में उसके समान कोई दूसरा धनुर्धर नहीं है ॥6॥
 
It is because of my grace that Arjuna has become superior to all other archers. At present there is no other archer like him in the world. ॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)