Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.139.15: कुबेर के महल में जाकर उनसे नाना प्रकार के रत्न प्राप्त करके अब पाण्डव आपके समृद्ध राष्ट्र पर आक्रमण करके अपना राज्य पुनः प्राप्त करना चाहते हैं॥ 15॥   |   mahabharat अध्याय 5.139: भीष्मसे वार्तालाप आरम्भ करके द्रोणाचार्यका दुर्योधनको पुन: संधिके लिये समझाना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 139: भीष्मसे वार्तालाप आरम्भ करके द्रोणाचार्यका दुर्योधनको पुन: संधिके लिये समझाना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  5.139.15 
कुबेरसदनं प्राप्य ततो रत्नान्यवाप्य च।
स्फीतमाक्रम्य ते राष्ट्रं राज्यमिच्छन्ति पाण्डवा:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
कुबेर के महल में जाकर उनसे नाना प्रकार के रत्न प्राप्त करके अब पाण्डव आपके समृद्ध राष्ट्र पर आक्रमण करके अपना राज्य पुनः प्राप्त करना चाहते हैं॥ 15॥
 
Having gone to Kubera's palace and obtained various kinds of gems from him, the Pandavas now wish to attack your prosperous nation and take back their kingdom.॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)