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mahabharat 5.137.22-23h: द्यूतक्रीड़ा के दौरान द्रौपदी को राजसभा में जाना पड़ा और कौरव योद्धाओं के सामने दुर्योधन और दुशासन ने द्रौपदी को जो गालियाँ दीं, वे सब भीमसेन और अर्जुन का अपमान हैं। मैं आपको पुनः याद दिलाता हूँ। 22 1/2।   |   mahabharat अध्याय 5.137: कुन्तीका पाण्डवोंके लिये संदेश देना और श्रीकृष्णका उनसे विदा लेकर उपप्लव्य नगरमें जाना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.137.22-23h 
तयोश्चैतदवज्ञानं यत् सा कृष्णा सभागता।
दु:शासनश्च यद् भीमं कटुकान्यभ्यभाषत॥ २२॥
पश्यतां कुरुवीराणां तच्च संस्मारये: पुन:।
 
 
अनुवाद
द्यूतक्रीड़ा के दौरान द्रौपदी को राजसभा में जाना पड़ा और कौरव योद्धाओं के सामने दुर्योधन और दुशासन ने द्रौपदी को जो गालियाँ दीं, वे सब भीमसेन और अर्जुन का अपमान हैं। मैं आपको पुनः याद दिलाता हूँ। 22 1/2।
 
During the gambling, Draupadi had to go to the court and the abuses that Duryodhan and Dushasan hurled at her in front of the Kaurava warriors are all an insult to Bhimasena and Arjuna. I remind you of that again. 22 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)