Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.137.21: श्री कृष्ण! आप भली-भाँति जानते हैं कि यदि भीमसेन और अर्जुन क्रोधित हो जाएँ, तो वे यमराज और अन्तक के समान भयंकर हो जाते हैं और देवताओं को भी यमलोक भेज सकते हैं।॥21॥ | mahabharat अध्याय 5.137: कुन्तीका पाण्डवोंके लिये संदेश देना और श्रीकृष्णका उनसे विदा लेकर उपप्लव्य नगरमें जाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विदितं हि तवात्यन्तं क्रुद्धाविव यमान्तकौ।
भीमार्जुनौ नयेतां हि देवानपि परां गतिम्॥ २१॥
अनुवाद
श्री कृष्ण! आप भली-भाँति जानते हैं कि यदि भीमसेन और अर्जुन क्रोधित हो जाएँ, तो वे यमराज और अन्तक के समान भयंकर हो जाते हैं और देवताओं को भी यमलोक भेज सकते हैं।॥21॥
Sri Krishna! You know very well that if Bhimasena and Arjuna become angry, they become as fearsome as Yamaraja and Antaka and can send even the gods to Yamaloka. ॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥