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विदिता ते सदा बुद्धिर्भीमस्य न स शाम्यति।
यावदन्तं न कुरुते शत्रूणां शत्रुकर्शन॥ ११॥
अनुवाद
हे शत्रुओं का नाश करने वाले श्रीकृष्ण! आप भीमसेन के इरादे हमेशा से जानते हैं। जब तक वह अपने सभी शत्रुओं का वध नहीं कर लेता, तब तक उसे चैन नहीं मिलेगा ॥11॥
O destroyer of enemies, Sri Krishna! You have always known the intentions of Bhimasena. He will not be at peace until he kills all his enemies. ॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥