Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.136.16: कुन्ती कहती है - श्री कृष्ण! माता के वचनों से आहत और अपमानित होकर, जैसे उत्तम घोड़े को कोड़े मारे जाते हैं, उसी प्रकार संजय ने अपनी माता की समस्त आज्ञाओं का पालन किया ॥16॥ | mahabharat अध्याय 5.136: विदुलाके उपदेशसे उसके पुत्रका युद्धके लिये उद्यत होना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुन्त्युवाच
सदश्व इव स क्षिप्त: प्रणुन्नो वाक्य सायकै:।
तच्चकार तथा सर्वं यथावदनुशासनम्॥ १६॥
अनुवाद
कुन्ती कहती है - श्री कृष्ण! माता के वचनों से आहत और अपमानित होकर, जैसे उत्तम घोड़े को कोड़े मारे जाते हैं, उसी प्रकार संजय ने अपनी माता की समस्त आज्ञाओं का पालन किया ॥16॥
Kunti says - Shri Krishna! Pierced by the words of his mother and insulted, like a good horse whipped, Sanjaya followed all the instructions of his mother in the same manner. ॥16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥