Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.136.13: पुत्र बोला, "माता, मेरा राज्य शत्रुओं के जल में डूब गया है। अब मुझे इसे बचाना होगा, अन्यथा युद्ध में शत्रुओं से लड़ते हुए मुझे अपने प्राणों की आहुति देनी होगी। जब मेरे पास आप जैसा मार्गदर्शक है, जो मुझे भविष्य का वैभव दिखाता है, तो मुझमें ऐसा साहस तो होना ही चाहिए।" | mahabharat अध्याय 5.136: विदुलाके उपदेशसे उसके पुत्रका युद्धके लिये उद्यत होना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पुत्र उवाच
उदके भूरियं धार्या मर्तव्यं प्रवणे मया।
यस्य मे भवती नेत्री भविष्यद्भूतिदर्शिनी॥ १३॥
अनुवाद
पुत्र बोला, "माता, मेरा राज्य शत्रुओं के जल में डूब गया है। अब मुझे इसे बचाना होगा, अन्यथा युद्ध में शत्रुओं से लड़ते हुए मुझे अपने प्राणों की आहुति देनी होगी। जब मेरे पास आप जैसा मार्गदर्शक है, जो मुझे भविष्य का वैभव दिखाता है, तो मुझमें ऐसा साहस तो होना ही चाहिए।"
The son said, "Mother, my kingdom has drowned in the waters of enemies. Now I have to rescue it or I will have to sacrifice my life fighting the enemies in the war. When I have a guide like you who shows me the future glory, then I must have such courage."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥